Saturday, February 22, 2025

अगर आप औरत है तो ये जरुर पढ़े

रिलेशनशिप का एक बड़ा पहलू है सेक्स, लेकिन अक्सर कुछ गलत थॉट्स इन स्पेशल मोमेंट्स को खराब कर देते हैं। ऐसे में कई बातों पर महिलाओं को सोच बदलने की जरूरत हैहर बात की तरह सेक्स में भी एक-दूसरे की फीलिंग्स की कद्र करके ही रिलेशन अच्छा बनाया जा सकता है। ऐसे में लेडीज को मेल ऐंगल से भी बात समझने की जरूरत है, तभी रिश्ता हमेशा फ्रेश रहेगा। अग्रेसिव है चाहत हाल में एक रिसर्च के मुताबिक मेल पार्टनर भी चाहते हैं कि जिस तरह वे अपनी फीमेल पार्टनर के साथ इंटीमेट होने के लिए अग्रेसिव रहते हैं |

उनकी पार्टनर भी वैसा ही फील करे। जबकि महिलाएं अक्सर इस लेवल पर अपनी फीलिंग्स एक्सप्रेस नहीं कर पातीं या फिर कहीं ना कहीं अपनी फीलिंग्स कंट्रोल कर लेती हैं। ऐसे में एक्सपर्ट्स आपको खुलकर रिलेशन जीने की सलाह देते हैं।

लुक्स की टेंशन आप अपने पार्टनर के साथ टाइम स्पेंड करना चाहती हैं, लेकिन अपने लुक्स को लेकर टेंशन में रहती हैं। कभी आप अपने बैली फैट के बारे में सोचती हैं, तो कभी मेकअप के बारे में। यही वजह है कि जब आप बेड पर होती हैं, तब अपने पार्टनर से पूरी तरह मिक्सअप नहीं हो पातीं। जबकि एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस पॉइंट पर हर हज्बंड चाहता है कि उसकी वाइफ उस वक्त सारी टेंशन छोड़कर बस प्लेजर फील करे।

जस्ट सेक्स अक्सर सभी वाइफ सोचती हैं कि उनके हज्बंड के लिए सेक्स बस ही सेक्स है। लेकिन कुछ रिसर्च बताती हैं कि लड़का-लड़की रिलेशनशिप में आने के बाद ही अपनी सेक्स लाइफ अच्छे से एंजॉय कर पाते हैं और ऐक्ट के बाद सेटिस्फाइड भी होते हैं। वैसे, एक रिसर्च यह भी बताती है कि मैरिड लोग अपनी सेक्स लाइफ ज्यादा अच्छे से एंजॉय करते हैं।

हमेशा रेडी नहीं क्या आप भी यही सोचती हैं कि पुरुष हमेशा सेक्स के लिए किसी भी टाइम रेडी रहते हैं। लेकिन यह बिल्कुल सही नहीं है। हां, टीनेज में सेक्स उनके लिए अडवेंचर या प्लेजर हो सकता है, लेकिन मैरिड लाइफ में ऐसा नहीं है। एक रिसर्च बताती है कि इस बात को लेडीज ऐक्सेप्ट नहीं कर पातीं और जब उनके हज्बंड उन्हें सेक्स के लिए ना कहते हैं, तब वे रिलेशन को लेकर इनसिक्योर होने लगती हैं। जाहिर है कि वाइफ को हज्बंड को लेकर यह सोच बदलनी होगी, तभी वह सामने वाले की फीलिंग्स की रिस्पेक्ट कर पाएंगी।

गाइडेंस ना दें आप अपने पार्टनर के साथ लव टाइम स्पेंड कर रही हैं और साथ ही आप उन्हें इंस्ट्रक्शंस भी दे रही हैं कि अब उन्हें क्या करना है, तो अपनी यह आदत अभी बदल दें। दरअसल, कोई मेल नहीं चाहता है कि वाइफ इसे इस सब्जेक्ट पर गाइड करे। अगर आप ऐसा करती हैं, तो वह आपके सामने अपनी फीलिंग्स फ्री होकर नहीं शेयर कर पाएंगे। वैसे, रिलेशनशिप एक्सपर्ट का मानना है कि मेन्स अपनी वाइफ को सेटिस्फाइड करना बहुत अच्छे से जानते हैं, इसलिए वे इंस्ट्रक्शंस लेना पसंद नहीं करते।

कुछ करना हो नया अगर आपका हज्बंड आपको कुछ नया करने के लिए कहता है, तो यह ना सोचें कि वह रिलेशन से खुश नहीं हैं। ऐसी बातों पर लेडीज अक्सर सही मूव्स लेने की बजाय अपना मूड ऑफ कर लेती हैं। जबकि आपको इसे दिल पर ना लेते हुए कुछ नया करने के बारे में सोचना चाहिए, जो दोनों के कंफर्ट जोन में हो।

स्वप्न दोष क्यों होता है ? क्या है स्वप्न दोष

स्वपन दोष जैसा कि इसके नाम से प्रतीत होता है कि यह स्वप्न से संबधित रोग है।तो हाँ यह सच है कि यह स्वप्न से संबधित रोग है।यह रोग अधिकतर युवाओं में पाया जाता है। अंग्रेंजी में यह रोग स्पर्माटोरिया के नाम से जाना जाता है। सामान्य अवस्था में स्त्री व पुरुष के सम्मिलन की चरमावस्था पर पुरुष का वीर्य स्खलित होता है । या यह कहा जा सकता है कि वीर्य़ का स्खलन संभोग की चरम सीमा है जिसमें पुरुष का वीर्य स्खलित होता है। इसमें पुरुष व स्त्री शारीरिक व मानसिक तल पर एक साथ सम्मिलित होते हैं।और दोनो का एक ही लक्ष्य होता है सम्भोग की चरम अवस्था पर पहुँच कर परमानन्द की अनुभूति प्राप्त करना ।

सोते समय लिंग से वीर्य का अनियन्त्रित रूप से निकल जाना गीला सपना कहलाता है। इस तरल पदार्थ का रंग क्रीम जैसा या रंगविहीन होता है। सपनों में यौन उत्तेजना होने पर या कम्बल, पलंग अथवा भरे हुए मूत्राशय से रगड़ लगने पर शारीरिक उत्तेजना से गीले सपने आते हैं। सोते समय स्वप्न में यौन क्रीड़ा संबंधी दृश्य देखने पर जननेन्द्रिय में उत्तेजना आती है और शुक्राशय में एकत्रित हुआ शुक्र निकल जाता है, इसे स्वप्नदोष (नाइट फाल) होना कहते हैं, स्वप्नदोष होने का यह भी एक कारण होता है। सोते समय स्वप्न में यौन क्रीड़ा संबंधी दृश्य देखने पर जननेन्द्रिय में उत्तेजना आती है और शुक्राशय में एकत्रित हुआ शुक्र निकल जाता है, इसे स्वप्नदोष (नाइट फाल) होना कहते हैं, स्वप्नदोष होने का यह भी एक कारण होता है। परन्तु अत्याधिक वीर्य स्खलित होना नपुंसकता का एक लक्षण हो सकता है अतः इसका शीघ्र उपचार करना अत्यंत आवश्यक है |

स्वप्नदोष एक स्वाभाविक क्रिया है जिसके अंतर्गत एक पुरुष को नींद के दौरान वीर्यपात (स्खलन) हो जाता है, इसके दौरान पुरुष एक स्वतःस्फूर्त यौनानन्द का अनुभव भी करते हैं।

स्वप्नदोष के दौरान यौनसुख के बजाय झुनझुनी, जैसे पेशाब निकल रहा है या जैसे पेशाब लगा है जैसी अनुभूति हो सकती है। कई किशोर इस दौरान नींद से जाग जाते हैं और उनमे एक शर्मिंदगी की भावना आती है कि उन्होने सोते हुए बिस्तर गीला कर दिया है।
स्वप्नदोष एक कामोद्दीपक सपने के बाद होने वाली एक स्वाभाविक शारीरिक प्रतिक्रिया है जिसके कारण पुरुष व्यक्ति के भीतर लगातार उत्पादित हो रहीं शुक्राणु कोशिकाओं की बहुतायत को शरीर से बाहर निकाल दिया जाता है।

स्वप्नदोष की अधिकता किसी भी व्यक्ति के लियें बहुत अधिक हानिकारक हो सकती है तथा स्वप्नदोष की स्थिति में यदि व्यक्ति को शीघ्र ही वीर्य स्खलित हो जाता है तो उस व्यक्ति को शीघ्र पतन की समस्या भी होना संभव है अतः स्वप्नदोष का शीघ्र से शीघ्र उपचार करना अत्यंत आवश्यक है |

लैकिन स्वपन दोष एक एसी अवस्था या प्रक्रिया है जिसमें कोई भी स्त्री शारीरिक रुप से उपस्थित नही होती है । व्यक्ति केवल स्वप्न में स्त्री या कामिनी को देखता है और शारीरिक रुप से किसी स्त्री की अनुस्थिति होने के कारण से व्यक्ति केवल कल्पना में ही सारे सम्भोग को करता है। और उस मानसिक सम्भोग की पूर्णता से पहले या पूर्णता पर वीर्य का स्खलन हो जाता है। इस असामान्य स्थिति को स्वप्न दोष कहते है। यह व्यक्ति के सोच विचार का परिणाम होता है।इस रोग को वैसे रोग कहना अतिशयोक्ति ही होगी।

लैकिन यह महिने में अगर 1 या 2 बार ही हो तो सामान्य बात कही जा सकती है।और यह कहा जा सकता है कि कोई रोग नही है किन्तु यदि यह इससे ज्यादा बार होता है तो वीर्य की या शुक्र की हानि होती है और व्यक्ति को शारीरिक कमजोरी का अहसास होता है। क्योंकि यह शुक्र भी रक्त कणों से पैदा होता है । अतः अत्यधिक शुक्र क्षय व्यक्ति को कमजोर कर देता हैं ।

परिणाम- रोगी का शरीर दुवला पतला व शारीरिक कमजोरी से ग्रसित हो जाता है । अत्यधिक ग्रसित होने पर पैरों की शिथिलन व स्मरण शक्ति कमजोर होना मन में खिन्नता होना व अण्डकोषों का लटक जाना भी हो सकता है। इस रोग के रोगी का काम में मन नही लगता औऱ सम्भोग के समय अचानक लिंग में शिथिलता की स्थिति पैदा हो सकती है । और इस कारण शर्म के कारण व्यक्ति कई बार एकाकी सा जीवन विताने लगता है। रोगी का मन हमेशा काम क्रियाओं की बात सोचता रहता है। जिससे रात के समय तीव्र उत्तेजना होती है औऱ सुबह जागने के समय भी लिंग की उत्तेजना होती है।

कभी कभी शौंच के समय पतला वीर्य गिरता है सांस फूलने लगती है।तथा हर समय लिंग का कड़ापन सा बना रहता है । औऱ भी ज्यादा खतरनाक स्थिति तब हो जाती है जब जननेन्द्रिय हमेशा कड़ी वनी रहै या उत्तेजित रहे तथा स्वप्न दोष के बाद अत्यधिक कमजोरी हो जाए ,कान से अलग तरह की आवाजे सुनाई देने लगें ।

नौकरी करने वाली महिलाओ के लिए कुछ ध्यान रखने वाली कुछ जरुरी बाते

दोस्तों आज की इस भाग दौड़ वाली जिंदगी में हर कोई हर किसी से आगे निकलना चाहता है चाहे वो मर्द हो या औरत हो | आज के दौर की औरते भी अब मर्दों से कम नहीं है वो भी मर्दों की तरह कंधे से कन्धा मिला कर चलना चाहती है जैसे की आप खुद ही देख लो आज ट्रेन भी लड़की चला रहा है और जहाज भी उड़ा रही है यहाँ तक की बोर्डर पर भी लड़कियां सीना तान कर कर पहरा दे रही है तो दोस्तों आज मै कुछ येसा ही टिप्स उनके लिए लिख रहा हूँ जो औरते बाहर नौकरी करती है |

शालीनता को स्त्री का सबसे बड़ा गहना माना जाता है और इसी को बचाव का हथियार भी माना जाता है। शालीनता ही दो व्यक्तियों के बीच की मर्यादा तय करती है। शालीनता का गुण स्त्री के व्यक्तिव को ऊपर उठाता है इसके साथ ही पुरुषों को अपने नजदीक आने से रोकता है।

घर से बाहर काम करने वाली स्त्रियों को अपने साथ काम करने वाले पुरुषों के साथ जरूरत से ज्यादा घुलना-मिलना नहीं चाहिए। अगर कोई पुरुष अपनी हद से ज्यादा करीब आने की कोशिश करें या किसी पार्टी आदि में बुलाने के लिए जबर्दस्ती करे तो उसे साफ शब्दों में मना कर दें।

बाहर नौकरी करने वाली स्त्रियों के आफिस आदि में उनका पुरुष साथी या बास मजाक आदि करता है तो जहां तो हो सके उसका जवाब शालीनता के साथ दें लेकिन जब उनका मजाक कुछ ज्यादा ही बढ़ जाए तो थोड़ी सख्ती के साथ उनको समझा दें। एक बात का ध्यान रखें कि कभी-कभी स्त्री की खामोशी को ही लोग समझ लेते हैं कि वह झांसे में आ रही है।

अगर आपके साथ काम करने वाला पुरुष आपको किसी प्रकार के उपहार आदि देने की कोशिश करे तो उसे स्वीकार न करे। ऐसे पुरुषों की मंशा स्त्री को उपहार आदि के झांसे में फंसाकर उनसे शारीरिक संबंध बनाने की होती है। अगर स्त्री-पुरुष का उपहार आदि स्वीकार कर लेती है तो उसे यही लगता है कि यह लड़की तो चालू है और अगर इसे एक-दो बार और उपहार आदि दिए जाए तो इसे झांसे में लिया जा सकता है।

अक्सर स्त्रियां अपने साथ काम करने वाले पुरुष साथी के साथ किसी भी तरह का धर्म का रिश्ता बना लेती हैं जोकि एक लिहाज से गलत होता है क्योंकि इस धर्म के रिश्ते के कारण उस पुरुष का स्त्री के घर पर आना जाना बहुत आसान हो जाता है और इस रिश्ते के कारण स्त्री के घर वाले भी उसके आने-जाने पर किसी तरह का एतराज नहीं उठाते। ऐसे मामलों में कई पुरुष सारे धर्म आदि के रिश्तों को भुलाकर स्त्री के साथ शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश करते हैं।

बहुत सी स्त्रियां होती हैं जिनकी अगर घर में अपने पति से कोई भी छोटी-मोटी बहस आदि हो जाती है तो वह अपने पति को चि़ढ़ाने के लिए बाहर पुरुष मित्र बनाने की कोशिश करती है लेकिन ऐसी स्त्रियों को एक बात का ध्यान रखना चाहिए कि उसके पति की बराबरी कोई भी दूसरा पुरुष नहीं कर सकता और ऐसे पुरुष आपकी मजबूरी का फायदा उठाकर कभी भी आपके साथ मनमर्जी कर सकते हैं।

शादी के बाद पति के साथ छोटे-मोटे झगड़े होना या बहस छिड़ना तो आम बात है लेकिन कभी-कभी यही छोटे-मोटे झगड़े काफी बड़ा रूप ले लेते हैं लेकिन पति-पत्नी में से किसी भी एक की समझदारी से यह झगड़े सामान्य भी हो जाते हैं। बहुत सी स्त्रियां इस बढ़े हुए झगड़े को सहन नहीं कर पाती हैं। उनके दिल में अपने पति के लिए नफरत की आग जलने लगती हैं। अपने भीतर जल रही इस आग को बाहर निकालने के लिए उसे किसी ऐसे इंसान की तलाश रहती है जो उसके दुखों को बांट सके, उससे सहानुभूति जता सके। ऐसा इंसान उसे घर में तो मिल नहीं सकता इसीलिए उन्हें बाहर अपने लिए ऐसे सहारे की जरूरत पड़ती है। जो स्त्रियां बाहर काम करती हैं उनको इस प्रकार का सहारा अपने साथ काम करने वाले पुरुष साथी के रूप में मिल जाता है। ये सब बाते आप मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है | इसके लिए वह अपने साथ काम करने वाली किसी महिला साथी का सहारा लेना पसंद नहीं करती। यहीं से सारी परेशानियां शुरू हो जाती हैं और उनके बहुत से पुरुष साथी इसका नाजायज फायदा उठाते हैं। ऐसे पुरुष सहानुभूति जताते-जताते कब उनकी इज्जत से खेल जाते हैं इसका पता उन्हें काफी समय के बाद चलता है। इसलिए स्त्रियों को चाहिए कि घर के झगड़ों या बातों को घर तक ही रखें किसी और इंसान को अगर इन सब झगडों आदि के बारे में बताकर सहानुभूति बटोरने के चक्कर में घर बनने की बजाय और बिगड़ जाता है। वैसे भी पति-पत्नी के झगड़ो में अगर दोनों में से एक भी दूसरे से माफी मांगकर झगड़ा समाप्त कर देता है तो वह छोटा नहीं हो जाता है।

घर से बाहर काम करते समय एक बात का पूरी तरह से ध्यान रखें कि कभी भी अपने पुरुष साथी के साथ घरेलू संबंध बनाने की कोशिश न करें न ही उसे अपने घर पर ज्यादा आने-जाने का मौका न दें और न ही उसके घर पर जाने की कोशिश न करें। अगर आँफिस आदि का कोई पुरुष साथी बाहर रास्ते में मिल जाता है तो उसके साथ ज्यादा देर तक बातचीत न करें और अगर वह कहीं चलकर काँफी आदि पीने के लिए कहता है तो उसे कुछ न कुछ बहाना बनाकर मना कर देना चाहिए। किसी के घर रोज आने-जाने से अगर आपका पुरुष साथी आपके घर में घुलमिल जाता है तो इससे एक दिन ऐसा आ सकता है कि घर में किसी के भी न होने पर वह आपके साथ कुछ गलत संबंध बनाने की कोशिश कर सकता है।

स्त्री को इन बातों के साथ एक बात का और ध्यान रखना चाहिए कि कभी भी अपनी सहेली के पति या अपने साथ काम करने वाले पुरुष साथी के साथ किसी तरह के पैसों का लेन-देन न करें क्योंकि वह पुरुष आपकी मजबूरी का फायदा उठा सकता है और आपसे मनमर्जी करके शारीरिक संबंधों तक पहुंच सकता है। अगर घर में किसी तरह की आर्थिक परेशानी आ जाए तो उसका हल जहां तक हो सके अपने पति को ही करने दें या अपने किसी खास रिश्तेदार से मदद लें।

अक्सर स्त्रियां अपनी सहेली आदि के घर जाती हैं तो उनमें से कई सहेलियों के पति उनसे जरूरत से ज्यादा घुलने-मिलने का प्रयास करते हैं लेकिन जहां तक हो सके उनसे हद से ज्यादा मजाक आदि न करें। अपने घर की किसी भी तरह की परेशानी को अपनी सहेली के पति को बताने की गलती न करें। अगर आप अपनी सहेली के घर जाती हैं लेकिन उस समय आपकी सहेली घर पर न मिलकर सिर्फ उसका पति ही वहां पर मिलता है तो ऐसे में वहां पर रुकने का प्रयास न करें और अगर वह आपको किसी तरह की चाय-काँफी आफर करता है तो उसे बिल्कुल मना कर दें।
आज की जिंदगी में अगर इन सब बातो को ध्यान में रखकर नहीं काम किया तो ये जिंदगी को भी ख़राब कर सकती है मै उन सभी माताओ बहनों से रिक्वेस्ट करता हूँ की इसे पढ़ने के बाद अपनी सहेलियों से शेयर करना ना भूले ताकि उन्हें भी ये सब सच्चाई पता चल सके |

नपुंसकता क्या है ?

नपुंसकता क्या है  : जो व्यक्ति यौन संबन्ध नहीं बना पाता या जल्द ही शिथिल हो जाता है वह नपुंसकता का रोगी होता है। इसका सम्बंध सीधे जननेन्द्रिय से होता है। इस रोग में रोगी अपनी यह परेशानी किसी दूसरे को नहीं बता पाता या सही उपचार नहीं करा पाता मगर जब वह पत्नी को संभोग के दौरान पूरी सन्तुष्टि नहीं दे पाता तो रोगी की पत्नी को पता चल ही जाता है कि वह नंपुसकता के शिकार हैं।

इससे पति-पत्नी के बीच में लड़ाई-झगड़े होते हैं और कई तरह के पारिवारिक मन मुटाव हो जाते हैं बात यहां तक भी बढ़ जाती है कि आखिरी में उन्हें अलग होना पड़ता है। कुछ लोग शारीरिक रूप से नपुंसक नहीं होते, लेकिन कुछ प्रचलित अंधविश्वासों के चक्कर में फसकर, सेक्स के शिकार होकर मानसिक रूप से नपुंसक हो जाते हैं मानसिक नपुंसकता के रोगी अपनी पत्नी के पास जाने से डर जाते हैं। सहवास भी नहीं कर पाते और मानसिक स्थिति बिगड़ जाती है।

कारण : नपुंसकता के दो कारण होते हैं- शारीरिक और मानसिक। चिन्ता और तनाव से ज्यादा घिरे रहने से मानसिक रोग होता है। नपुंसकता शरीर की कमजोरी के कारण होती है। ज्यादा मेहनत करने वाले व्यक्ति को जब पौष्टिक आहार नहीं मिल पाता तो कमजोरी बढ़ती जाती है और नपुंसकता पैदा हो सकती है। हस्तमैथुन, ज्यादा काम-वासना में लगे रहने वाले नवयुवक नपुंसक के शिकार होते हैं। ऐसे नवयुवकों की सहवास की इच्छा कम हो जाती है।

लक्षण : मैथुन के योग्य न रहना, नपुंसकता का मुख्य लक्षण है। थोड़े समय के लिए कामोत्तेजना होना, या थोड़े समय के लिए ही लिंगोत्थान होना-इसका दूसरा लक्षण है। मैथुन अथवा बहुमैथुन के कारण उत्पन्न ध्वजभंग नपुंसकता में शिशन पतला, टेढ़ा और छोटा भी हो जाता है। अधिक अमचूर खाने से धातु दुर्बल होकर नपुंसकता आ जाती है।

हेल्थ टिप्स : नपुंसकता से परेशान रोगी को औषधियों खाने के साथ कुछ और बातों का ध्यान रखना चाहिए जैसे सुबह-शाम किसी पार्क में घूमना चाहिए, खुले मैदान में, किसी नदी या झील के किनारे घूमना चाहिए, सुबह सूर्य उगने से पहले घूमना ज्यादा लाभदायक है। सुबह साफ पानी और हवा शरीर में पहुंचकर शक्ति और स्फूर्ति पैदा करती है। इससे खून भी साफ होता है।

नपुंसकता के रोगी को अपने खाने (आहार) पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। आहार में पौष्टिक खाद्य-पदार्थों घी, दूध, मक्खन के साथ सलाद भी जरूर खाना चाहिए। फल और फलों के रस के सेवन से शारीरिक क्षमता बढ़ती है। नपुंसकता की चिकित्सा के चलते रोगी को अश्लील वातावरण और फिल्मों से दूर रहना चाहिए क्योंकि इसका मस्तिष्क पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है। इससे बुरे सपने भी आते हैं जिसमें वीर्यस्खलन होता है।

योनी में जलन हो तो जल्दी करें ये उपाय

योनी में जलन हो तो जल्दी करें ये उपाय : सेक्स दातपत्य जीवन का एक अहम हिस्सा होता है। बेहतर सेक्स लाईफ के लिए आप बेशक कई कोशिशें करती होंगी लेकिन फिर भी कुछ परेशानियां ऐसी होतीं हैं जो कि सेक्स लाईफ को बुरी तरह प्रभावित करतीं हैं। उसी तरह की समस्याओं में से एक है महिलाओं की योनी में जलन होना। योनी में जलन होने के बहुत सारे कारण हो सकतें हैं और इस समयस्या के चलते ठीक-ठाक स्वस्थ महिला भी सेक्स लाईफ का पूरी तरह आनंद नहीं उठा पाती है।

साथ ही पार्टनर को भी इस परेशानी में शामिल होना पड़ता हैं। योनी में जलन होने का एक मुख्य कारण योनी का शुष्कता (सूखापन) होना है। योनी के शुष्क होने के कारण महिलाओं को सेक्स के दौरान बहुत परेशानी होती है और वो अपने पार्टनर का पूरी तरह सहयोग नहीं कर पाती है। यही नहीं कभी-कभी वो सेक्स करने से भी इंकार कर देती हैं। यदि आपको ऐसी परेशानी है तो हम आपके लिए कुछ सुझाव लेकर आयें हैं जिसपर अमल कर आप इस समस्या से कुछ हद तक बच सकतें हैं।

ल्यूब्रीकेंट या वैसलीन का प्रयोग: यह एक बेहद ही पुराना और आसान तरीका है। योनी में सूखापन के कारण योनी के भीतर की त्वचा आपस में रगड़ होने से जलन पैदा करती है। इस दौरान यदि आप सेक्स करती हैं तो यह आपके लिए और भी ज्यादा असहनीय हो जाता है। इसके लिए आप क्रीम या फिर जेल का प्रयोग कर सकती हैं। यह क्रीम या जेल आजकल बाजार में आसानी से उपलब्ध है। यदि आप तत्काल बाजार से इसे नहीं खरीद सकती हैं तो त्वरीत प्रभाव के लिए आप बॉडी लोशन का भी प्रयोग कर सकती हैं। सेक्स के दौरान इंटरकोर्स करने से पूर्व योनी के भीतर हल्के हाथों से बॉडी लोशन को लगायें और ध्यान रखें कि इसके पूर्व अपने हाथों को ठीक प्रकार से धुलना ना भूलें।

सेंटेड वॉश को दरकिनार करें: जैसा कि सभी जानतें हैं कि सेक्स के दौरान शरीर से आने वाली बेहतर खुश्बू सेक्स के प्लेजर को और भी बढ़ा देती है। इसके लिए कुछ महिलायें सेंटेड वॉश यानी की योनी के आस-पास सेंट का प्रयोग करती हैं। आपको बता दें कि भले ही यह आपके शरीर में खुश्बू का संचार करे लेकिन कभी-कभी यह नुकसानदेह भी होता है। सेंट में एल्कोहल का प्रयोग किया जाता है। जो कि योनी के त्वचा में जलन पैदा करता है। इसके अलावा नहाने के बाद टॉवेल का प्रयोग योनी पर हल्के हाथों से करें।

डी हाइड्रेशन से बचें: डी हाइड्रेशन का सीधा मतलब है कि आपके शरीर में पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं हैं जितना की शरीर को आवयशक्ता है। शरीर में पर्याप्त मात्रा में पानी न होने के कारण पेशाब का बनना भी कम हो जाता है। जिससे योनी का खुश्क होना सामान्य सी बात है। जिसके कारण योनी में जलन होता है। तो कोशिश करें कि ज्यादा से ज्यादा मात्रा में पानी पीयें और फ्रूट जूस आदि का सेवन करें।

चिकित्सक से सलाह: यदि ऐसे घरेलु नुस्कों के बावजूद भी आपके योनी में जलन की समस्या खत्म नहीं हो रही है तो तत्काल चिकित्सक से इस बारें में परामर्श लेवें। यह कोई बड़ी समस्या नहीं हैं कई बार योनी में किसी तरह संक्रमण हो जाने के कारण भी योनी में जलन की समस्या सामने आती है। जो कि मामूली दवाओं आदि के सेवन से खत्म हो सकती है।

शरीर को बलवान बनाने के कुछ खास टिप्स

दोस्तों आज भी आपके लिए स्पेशल लाये है शरीर को बलवान बनाने के कुछ खास टिप्स तो अगर आप अपनी सेहत बनाने की सोच रहे हैं तो सबसे पहले पेट साफ करने की जरूरत है। पेट में कब्ज रहेगा तो कितने ही पौष्टिक पदार्थों का सेवन करें, लाभ नहीं होगा। भोजन समय पर तथा चबा-चबाकर खाना चाहिए, ताकि पाचन शक्ति ठीक बनी रहे, फिर पौष्टिक आहार या औषधि का सेवन करना चाहिए।

आचार्य चरक ने कहा है कि पुरुष के शरीर में वीर्य तथा स्त्री के शरीर में ओज होना चाहिए, तभी चेहरे पर चमक व कांति नजर आती है और शरीर पुष्ट दिखता है।हम यहाँ कुछ ऐसे पौष्टिक पदार्थों की जानकारी दे रहे हैं, जिन्हें किशोरावस्था से लेकर युवावस्था तक के लोग सेवन कर लाभ उठा सकते हैं और बलवान बन सकते हैं-

सोते समय एक गिलास मीठे गुनगुने गर्म दूध में एक चम्मच शुद्ध घी डालकर पीना चाहिए।

दूध की मलाई तथा पिसी मिश्री जरूरत के अनुसार मिलाकर खाना चाहिए, यह अत्यंत शक्तिवर्द्धक है।
एक बादाम को पत्थर पर घिसकर दूध में मिलाकर पीना चाहिए, इससे अपार बल मिलता है। बादाम को घिसकर ही उपयोग में लें।

छाछ से निकाला गया ताजा माखन तथा मिश्री मिलाकर खाना चाहिए, ऊपर से पानी बिलकुल न पिएँ।
50 ग्राम उड़द की दाल आधा लीटर दूध में पकाकर खीर बनाकर खाने से अपार बल प्राप्त होता है। यह खीर पूरे शरीर को पुष्ट करती है।

प्रातः एक पाव दूध तथा दो-तीन केले साथ में खाने से बल मिलता है, कांति बढ़ती है।

एक चम्मच असगंध चूर्ण तथा एक चम्मच मिश्री मिलाकर गुनगुने एक पाव दूर के साथ प्रातः व रात को सेवन करें, रात को सेवन के बाद कुल्ला कर सो जाएँ। 40 दिन में परिवर्तन नजर आने लगेगा।

सफेद मूसली या धोली मूसली का पावडर, जो स्वयं कूटकर बनाया हो, एक चम्मच तथा पिसी मिश्री एक चम्मच लेकर सुबह व रात को सोने से पहले गुनगुने एक पाव दूध के साथ लें। यह अत्यंत शक्तिवर्धक है।
सुबह-शाम भोजन के बाद सेवफल, अनार, केले या जो भी मौसमी फल हों, खाएँ।

सुबह एक पाव ठंडे दूध में एक बड़ा चम्मच शहद मिलाकर पीने से खून साफ होता है, शरीर में खून की वृद्धि होती है।

प्याज का रस 2 चम्मच, शहद 1 चम्मच, घी चौथाई चम्मच मिलाकर सेवन करें और स्वयं शक्ति का चमत्कार देखें। यह नुस्खा यौन शक्ति बढ़ाने में अचूक है। ऊपर वर्णित नुस्खे स्त्री-पुरुष दोनों के लिए समान हैं। इन्हें अनुकूल मात्रा में उचित विधि से सुबह-रात को सेवन सेवन करना चाहिए।

सफे द मूसली:- यूनानी चिकित्सा के अनुसार सफेद मूसली का प्रयोग भी बेहद लाभदायक होता है। 15 ग्राम सफेद मूसली को एक कप दूध मे उबालकर दिन मे दो बार पीने से यौन-शक्ति बढ़ती है।