दोस्तों आज की इस भाग दौड़ वाली जिंदगी में हर कोई हर किसी से आगे निकलना चाहता है चाहे वो मर्द हो या औरत हो | आज के दौर की औरते भी अब मर्दों से कम नहीं है वो भी मर्दों की तरह कंधे से कन्धा मिला कर चलना चाहती है जैसे की आप खुद ही देख लो आज ट्रेन भी लड़की चला रहा है और जहाज भी उड़ा रही है यहाँ तक की बोर्डर पर भी लड़कियां सीना तान कर कर पहरा दे रही है तो दोस्तों आज मै कुछ येसा ही टिप्स उनके लिए लिख रहा हूँ जो औरते बाहर नौकरी करती है |
शालीनता को स्त्री का सबसे बड़ा गहना माना जाता है और इसी को बचाव का हथियार भी माना जाता है। शालीनता ही दो व्यक्तियों के बीच की मर्यादा तय करती है। शालीनता का गुण स्त्री के व्यक्तिव को ऊपर उठाता है इसके साथ ही पुरुषों को अपने नजदीक आने से रोकता है।
घर से बाहर काम करने वाली स्त्रियों को अपने साथ काम करने वाले पुरुषों के साथ जरूरत से ज्यादा घुलना-मिलना नहीं चाहिए। अगर कोई पुरुष अपनी हद से ज्यादा करीब आने की कोशिश करें या किसी पार्टी आदि में बुलाने के लिए जबर्दस्ती करे तो उसे साफ शब्दों में मना कर दें।
बाहर नौकरी करने वाली स्त्रियों के आफिस आदि में उनका पुरुष साथी या बास मजाक आदि करता है तो जहां तो हो सके उसका जवाब शालीनता के साथ दें लेकिन जब उनका मजाक कुछ ज्यादा ही बढ़ जाए तो थोड़ी सख्ती के साथ उनको समझा दें। एक बात का ध्यान रखें कि कभी-कभी स्त्री की खामोशी को ही लोग समझ लेते हैं कि वह झांसे में आ रही है।
अगर आपके साथ काम करने वाला पुरुष आपको किसी प्रकार के उपहार आदि देने की कोशिश करे तो उसे स्वीकार न करे। ऐसे पुरुषों की मंशा स्त्री को उपहार आदि के झांसे में फंसाकर उनसे शारीरिक संबंध बनाने की होती है। अगर स्त्री-पुरुष का उपहार आदि स्वीकार कर लेती है तो उसे यही लगता है कि यह लड़की तो चालू है और अगर इसे एक-दो बार और उपहार आदि दिए जाए तो इसे झांसे में लिया जा सकता है।
अक्सर स्त्रियां अपने साथ काम करने वाले पुरुष साथी के साथ किसी भी तरह का धर्म का रिश्ता बना लेती हैं जोकि एक लिहाज से गलत होता है क्योंकि इस धर्म के रिश्ते के कारण उस पुरुष का स्त्री के घर पर आना जाना बहुत आसान हो जाता है और इस रिश्ते के कारण स्त्री के घर वाले भी उसके आने-जाने पर किसी तरह का एतराज नहीं उठाते। ऐसे मामलों में कई पुरुष सारे धर्म आदि के रिश्तों को भुलाकर स्त्री के साथ शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश करते हैं।
बहुत सी स्त्रियां होती हैं जिनकी अगर घर में अपने पति से कोई भी छोटी-मोटी बहस आदि हो जाती है तो वह अपने पति को चि़ढ़ाने के लिए बाहर पुरुष मित्र बनाने की कोशिश करती है लेकिन ऐसी स्त्रियों को एक बात का ध्यान रखना चाहिए कि उसके पति की बराबरी कोई भी दूसरा पुरुष नहीं कर सकता और ऐसे पुरुष आपकी मजबूरी का फायदा उठाकर कभी भी आपके साथ मनमर्जी कर सकते हैं।
शादी के बाद पति के साथ छोटे-मोटे झगड़े होना या बहस छिड़ना तो आम बात है लेकिन कभी-कभी यही छोटे-मोटे झगड़े काफी बड़ा रूप ले लेते हैं लेकिन पति-पत्नी में से किसी भी एक की समझदारी से यह झगड़े सामान्य भी हो जाते हैं। बहुत सी स्त्रियां इस बढ़े हुए झगड़े को सहन नहीं कर पाती हैं। उनके दिल में अपने पति के लिए नफरत की आग जलने लगती हैं। अपने भीतर जल रही इस आग को बाहर निकालने के लिए उसे किसी ऐसे इंसान की तलाश रहती है जो उसके दुखों को बांट सके, उससे सहानुभूति जता सके। ऐसा इंसान उसे घर में तो मिल नहीं सकता इसीलिए उन्हें बाहर अपने लिए ऐसे सहारे की जरूरत पड़ती है। जो स्त्रियां बाहर काम करती हैं उनको इस प्रकार का सहारा अपने साथ काम करने वाले पुरुष साथी के रूप में मिल जाता है। ये सब बाते आप मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है | इसके लिए वह अपने साथ काम करने वाली किसी महिला साथी का सहारा लेना पसंद नहीं करती। यहीं से सारी परेशानियां शुरू हो जाती हैं और उनके बहुत से पुरुष साथी इसका नाजायज फायदा उठाते हैं। ऐसे पुरुष सहानुभूति जताते-जताते कब उनकी इज्जत से खेल जाते हैं इसका पता उन्हें काफी समय के बाद चलता है। इसलिए स्त्रियों को चाहिए कि घर के झगड़ों या बातों को घर तक ही रखें किसी और इंसान को अगर इन सब झगडों आदि के बारे में बताकर सहानुभूति बटोरने के चक्कर में घर बनने की बजाय और बिगड़ जाता है। वैसे भी पति-पत्नी के झगड़ो में अगर दोनों में से एक भी दूसरे से माफी मांगकर झगड़ा समाप्त कर देता है तो वह छोटा नहीं हो जाता है।
घर से बाहर काम करते समय एक बात का पूरी तरह से ध्यान रखें कि कभी भी अपने पुरुष साथी के साथ घरेलू संबंध बनाने की कोशिश न करें न ही उसे अपने घर पर ज्यादा आने-जाने का मौका न दें और न ही उसके घर पर जाने की कोशिश न करें। अगर आँफिस आदि का कोई पुरुष साथी बाहर रास्ते में मिल जाता है तो उसके साथ ज्यादा देर तक बातचीत न करें और अगर वह कहीं चलकर काँफी आदि पीने के लिए कहता है तो उसे कुछ न कुछ बहाना बनाकर मना कर देना चाहिए। किसी के घर रोज आने-जाने से अगर आपका पुरुष साथी आपके घर में घुलमिल जाता है तो इससे एक दिन ऐसा आ सकता है कि घर में किसी के भी न होने पर वह आपके साथ कुछ गलत संबंध बनाने की कोशिश कर सकता है।
स्त्री को इन बातों के साथ एक बात का और ध्यान रखना चाहिए कि कभी भी अपनी सहेली के पति या अपने साथ काम करने वाले पुरुष साथी के साथ किसी तरह के पैसों का लेन-देन न करें क्योंकि वह पुरुष आपकी मजबूरी का फायदा उठा सकता है और आपसे मनमर्जी करके शारीरिक संबंधों तक पहुंच सकता है। अगर घर में किसी तरह की आर्थिक परेशानी आ जाए तो उसका हल जहां तक हो सके अपने पति को ही करने दें या अपने किसी खास रिश्तेदार से मदद लें।
अक्सर स्त्रियां अपनी सहेली आदि के घर जाती हैं तो उनमें से कई सहेलियों के पति उनसे जरूरत से ज्यादा घुलने-मिलने का प्रयास करते हैं लेकिन जहां तक हो सके उनसे हद से ज्यादा मजाक आदि न करें। अपने घर की किसी भी तरह की परेशानी को अपनी सहेली के पति को बताने की गलती न करें। अगर आप अपनी सहेली के घर जाती हैं लेकिन उस समय आपकी सहेली घर पर न मिलकर सिर्फ उसका पति ही वहां पर मिलता है तो ऐसे में वहां पर रुकने का प्रयास न करें और अगर वह आपको किसी तरह की चाय-काँफी आफर करता है तो उसे बिल्कुल मना कर दें।
आज की जिंदगी में अगर इन सब बातो को ध्यान में रखकर नहीं काम किया तो ये जिंदगी को भी ख़राब कर सकती है मै उन सभी माताओ बहनों से रिक्वेस्ट करता हूँ की इसे पढ़ने के बाद अपनी सहेलियों से शेयर करना ना भूले ताकि उन्हें भी ये सब सच्चाई पता चल सके |
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